नहीं, मेरा मतलब कुछ और था!
August 27, 2006 at 9:22 am | In Uncategorized | 3 Commentsमैं, वर्डप्रेस से वापस ब्लाग्स्पाट पर जा रहा हूं। मुझे वर्ड्प्रेस बिलकुल रास नहीं आया। अपने पुराने ब्लाग्स्पाट के चिट्ठे पर तो जा नहीं सकता..चूंकि, वहां ‘इम्पोर्ट’ की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यह नया चिट्ठा बनते ही सबको खबर करूंगा!
धन्यवाद!
-’अन्तर्मन’
3 Comments »
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अंतरमन जी आपको क्या दिक्कत आ रही है, जरा अंतर्मन की बात बाहर लाईये, बहुत लोग आपको सहायता करेंगे।
Comment by जगदीश भाटिया — August 27, 2006 #
चलो, अब राहत लग गई.
Comment by समीर लाल — August 27, 2006 #
यह भी खुब रही !
Comment by संजय बेंगाणी — August 28, 2006 #